Friday, July 31, 2009

चौधरीजी...


चौधरीजी रोज़ाना बस की सवारी करते हैं। चौधरीजी दिल्ली में सालों से नौकरी कर रहे हैं और हमेशा इसी बस की इसी सीट पर बैठकर सफ़र करते हैं। कितने ही ड्राइवर और कन्डक्टर बदल गए हैं लेकिन, चौधरीजी वैसे ही हैं वही हैं। आज भी घर से बना खाना टिफ़िन में पैक करवाकर, बैग को कंधे पर टांगकर, घड़ी देखकर चौधरीजी पहुंच जाते हैं बस स्टॉप पर। बस भी वो केवल प्रायवेटवाली पकड़ते हैं आखिर डीटीसी की बसें पुराने किराए से आज थोड़ी ही चलती हैं। चौधरीजी तो पुराने किराए पर पूरे रूतबे से चलते हैं। चौधरजी को अपने ऑफ़िस से घर और घर से ऑफ़िस के सारे रास्ते याद हैं। अगर कभी कही जाम लगा या पानी भरा तो चौधरीजी ही ड्राइवर को रास्ता बतलाते हैं। चौधरीजी हमेशा बोनट के पासवाली सीट पर बैठते हैं। उनकी पूरी मंडली के साथ। मंडली के लोग भी वक़्त के साथ बदल गए लेकिन, चौधरीजी नहीं बदले। दरवाज़े पर लटकनेवाली सवारी के बैग को बोनट पर रखने से लेकर लड़कियों को बोनट पर बिठाने के लिए जगह बनाने की सारी ज़िम्मेदारी चौधरीजी की ही होती है। चौधरीजी के आसपास हर चीज़ बदल गई हैं। लेकिन, चौधरीजी नहीं बदले। चौधरीजी के आसपास की एक चीज़ जिसके बदलते रहने पर चौधरीजी हमेशा ख़ुश रहते हैं वो हैं- बस में सफ़र करनेवाली लड़कियाँ। चौधरीजी बड़े प्यार से कॉलेज जानेवाली और ऑफ़िस जानेवाली लड़कियों को जगह दिलवाते हैं। लड़की अगर बात करनेवाली हुई तो उसी से शुरु हो जाते हैं और अगर नहीं तो कोड की भाषा में दोस्तों से बातें करने लगते हैं। लड़की अगर दिल्ली की ही हुई तो भाषा को समझ जाती है और मुंह को बिचकाकर बैठी रहती हैं। नहीं, तो कानों में इयर पीस लगाए कुछ सुनती ही नहीं हैं। इतना ही बस में चढ़ने उतरवालियों के साथ-साथ सड़क पर चलनेवाली भी चौधरीजी की पारखी नज़रों में चढ़ी रहती हैं। आखिर में चौधरीजी की पसंदीदा लाइन- यार, बस के मॉडल बदल जाते, अंदर का माल तो वही रहता हैं....

6 comments:

अनिल कान्त : said...

कटाक्ष अच्छा है आपका .... हालातों पर

परमजीत बाली said...

वाह ! चौधरी जी का भी जवाब नही.....कुछ लोग कभी नही सुधरते...:)

M VERMA said...

बहुत बढिया.
चौधरी जी को मेरा भी नमस्कार

Aadarsh Rathore said...

बहुत ख़ूब....
:)
ऐसे कई चौधरी साहबों से रोज़ पाला पड़ता है

अनूप शुक्ल said...

रोचक!

Alok Ranjan said...

bahut khub kaha aapne....
ye choudhari ji log to bason ki pahchan ban chuke hai...